धडधडाती रेलों के पहियों तले
बिछ जाने की वजहें समाप्त नहीं होंगी मगर
मैंने ये समझने की कोशिश की
रेलें यात्रा के लिए हैं
चार हाथ की रस्सी चारा बाँधने के लिए है
दुर्भिक्ष तो सरोवर पर भी है
वह भी प्रतीक्षा करता है धीरे-धीरे सिमटने की
भूखों, निर्दोष कैदियों और स्त्रियों से
जीने की तालीम लेनी चाहिए
साँस की तरह चल रही हों
मरने की वजहें शरीर में, तो
पागलपन का आश्रय लेना चाहिए
पागलों में होती है यह बुद्धिमत्ता
खाना कपडा रहना न मिले
सारा जगत् ही उपेक्षा करे
तब भी जीवन तो है
उसे बचाया जाना चाहिए
जीवन को बचाने की योजना तो वह योजना है
आओ जरूरी दर्द
आओ जरूरी दर्द
मेरे सिर में रहो
इतनी रात गए
किसके पास जाओगे
बिछ जाने की वजहें समाप्त नहीं होंगी मगर
मैंने ये समझने की कोशिश की
रेलें यात्रा के लिए हैं
चार हाथ की रस्सी चारा बाँधने के लिए है
दुर्भिक्ष तो सरोवर पर भी है
वह भी प्रतीक्षा करता है धीरे-धीरे सिमटने की
भूखों, निर्दोष कैदियों और स्त्रियों से
जीने की तालीम लेनी चाहिए
साँस की तरह चल रही हों
मरने की वजहें शरीर में, तो
पागलपन का आश्रय लेना चाहिए
पागलों में होती है यह बुद्धिमत्ता
खाना कपडा रहना न मिले
सारा जगत् ही उपेक्षा करे
तब भी जीवन तो है
उसे बचाया जाना चाहिए
जीवन को बचाने की योजना तो वह योजना है
आओ जरूरी दर्द
आओ जरूरी दर्द
मेरे सिर में रहो
इतनी रात गए
किसके पास जाओगे
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